वैश्िवक शेयर बाजारों में भारी उथल पुथल को देखते हुए सोने जैसे अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित माने जाने वाले निवेश में निवेशकों का भरोसा एक बार फिर बढ़ा है।
जहां एक ओर वैश्िवक रूप से शेयर बाजारों की हालत पतली हुई है वहीं सोना नित नयी ऊंचाइयां छू रहा है। गत शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में [...]
Archive for October, 2007
सोने ने फिर से जीता निवेशकों का भरोसा
Posted in अर्थ तंत्र on October 23, 2007 | 1 Comment »
भारी गिरावट के बाद शेयर बाजार में कारोबार रूका
Posted in अर्थ तंत्र on October 17, 2007 | Leave a Comment »
स्टाक मार्केट में आज भारी अफरातफरी रही। एक मिनट के भीतर ही भारी गिरावट के कारण शेयर बाजारों में कारोबार को एक घंटे के लिये रोकना पड़ा।
पार्टीसिपेटरी नोट.एन के जरिये विदेशी संस्थागत निवेशकों के शेयर बाजार में निवेश पर लगाम संबंधी भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्डण्सेबी की कल की सिफारिश से बाजारों में इतनी दहशत [...]
मंहगी रोटी खाने की अब आदत डाल लीजिये
Posted in अर्थ तंत्र on October 16, 2007 | 1 Comment »
गेहूं.चावल सहित कई अन्य कृषि जिंसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य.एमएसपी में बढ़ोत्तरी करके सरकार ने किसानों को तो राहत देने की तो कोशिश की है लेकिन इसके साथ ही आने वाले दिनों में रसोईं का बजट बेकाबू हो जाने का इंतजाम भी हो गया है।
सरकार ने आगामी रबी मौसम के लिये गेहूं का समर्थन [...]
भारतीय ईस्ट इंडिया कंपनियों के निशाने पर है यूरोप
Posted in अर्थ तंत्र on October 9, 2007 | Leave a Comment »
भारतीय कंपनियों की विदेशों में अपना विस्तार करने की भूख लगातार बढ़ती ही जा रही है और एशिया तथा अमरीका के बाद अब यूरोप इनके निशाने पर है।
भारतीय कंपनियों ने इस वर्ष जनवरी से अगस्त के बीच विदेशों में कंपनियां के अधिग्रहण एवं विलय के कुल 164 सौदे किये जिसके लिये उन्होंने लगभग 30.8 [...]