यारों चिट्ठाकारी की दुनिया में आने से खुद को रोक नहीं सका। सोचा मैं भी आज जाऊं। मेरे चिट्ठे पर दुनिया जहान की बाते होंगी। साहित्य एवं राजनीति की चर्चा भी होगी। अभी नया नया हूं। काफी कुछ सीख रहा हूं। थोड़े दिनों में यह चिट्ठा मुकम्मल आकार ले लेगा। लेकिन शुरूआत तो कर दी है। [...]
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पहली पाती
Posted in अपनी गली on May 13, 2007 | 3 Comments »